सेवढ़ा । सेंवढ़ा में सफाई कर्मचारियों का 5 मार्च से जारी आंदोलन सीएमओ योगेंद्र सिंह तोमर के साथ हुई बैठक के बाद समाप्त हो गई। बैठक में कर्मचारियों की सभी मांगें मानते हुए लिखित आश्वासन पत्र भी पेश किया। मांगें पूरी होने पर कर्मचारियों ने खुशी जाहिर कर पटाखे फोड़कर जशन मनाया। इस आंदोलन का संचालन राष्ट्रीय सफाई मजूदर संघ के प्रदेश सचिव पवन हरिया तथा जिला प्रभारी बबलू वाल्मीक कर रहे थे। सेंवढ़ा में सफाई कर्मचारियों द्वारा 9 सूत्रीय मांगों को लेकर गत 5 मार्च से आंदोलन किया जा रहा था। कर्मचारियों की मांग थी, कि उन्हें बैंक के माध्यम से ईपीएफ काट कर भुगतान हो तथा ठेका प्रथा से मुक्ति दिलाई जाए। कर्मचारियों ने जब आंदोलन प्रारंभ किया तो नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई स्थानों पर घूरे के ढेर लगने लगे। मामले में एसडीएम राकेश परमार ने दो बार एवं तहसीलदार मयंक तिवारी ने दो बार कर्मचारियों से बैठक की, लेकिन बेनतीजा रही। सेंवढ़ा सीएमओ योगेंद्र सिंह तोमर के पिता का निधन होने के कारण वह अवकाश पर थे। ऐसे में कोई भी बैठक नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। सीएमओ के अवकाश से लौटने के बाद एसडीएम व सीएमओ के बीच बैठक हुई। इसमें कर्मचारियों की मांग पर गंभीरता से विचार हुआ। जिसके बाद उन्होंने सीएमओ को आवश्यक निर्देश दिए। सीएमओ ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष अप्रैल से कर्मचारियों को सभी मांगों को मानकर वेतन भुगतान आदि किए जाएंगे। सीएमओ ने कर्मचारियों की मांग के अनुसार उन्हें संविदा कर्मचारियों के तय मानदेय के अनुसार वेतन देने, ईपीएफ का कटोत्रा कर उसे विभाग में जमा करवाने, साप्ताहिक अवकाश देने, हड़ताल के दिनों का वेतन नहीं काटने, वेतन भुगतान माह के प्रथम सप्ताह में देने, कर्मचारियों का चेकअप मेडिकल बोर्ड से करवाने तथा विनियमित के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को उसका लाभ देने का लिखित आश्वासन पत्र दिया।
नगर परिषद् ने मानी सफाई कर्मचारियों की मांगें, आंदोलन खत्म
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