आलीराजपुर । जिले में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। कई गांवों में तो 4-5 दिनों तक बिजली नहीं आ रही है। दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री प्रदाय में धांधली की जा रही है। यदि कटौती नहीं रुकी तो भाजपा द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। यह बात भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नागरसिंह चौहान ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। चौहान ने बताया कि कलेक्टर सुरभि गुप्ता को एक आवेदन सौंपकर प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय में खेल सामग्री में भारी भ्रष्टाचार की शिकायत कर जांच की मांग भी की है। चौहान ने दिए गए आवेदन में आरोप लगाया कि 5वीं एवं 8वीं तक के विद्यालयों में खेल सामग्री वितरित करने वाले ठेकेदारों द्वारा घटिया किस्म की सामग्री बांटी जा रही है और इसके लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद कलेक्टर द्वारा चौहान को इस बात के लिए आश्वास्त किया है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। इस दौरान पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष किशोर शाह भी मौजूद थे।
चौहान ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में बेतहाश बिजली कटौती की जा रही है। ग्राम माछलिया, मालवई, मेहणी, हरसवाट, उन्हाला, देलवानी, बेहड़वा में 4 से 5 दिन से विद्युत उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिसके चलते इन क्षेत्र के बच्चों का भविष्य अंधकार में है, क्योंकि वर्तमान में परीक्षा का समय है, वहीं किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चौहान ने कहा कि यदि शीघ्र ही विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से चालू नहीं की गई तो भाजपा सड़कों पर उतरकर ग्रामीणों के पक्ष में उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगी। चौहान का कहना था कि विद्युत कटौती के साथ ही बिजली के बिलों में भी बढ़ोतरी की गई है, जबकि कांग्रेस की सरकार यह दावा कर रही है कि उन्होंने बिजली के बिल हाफ कर दिए हैं। ऐसे में 1 घर में 3 भाइयों के अलग-अलग बिल भेजकर उनसे पैसा क्यों वसूला जा रहा है।
चौहान ने कलेक्टर सुरभि गुप्ता को एक आवेदन सौंपकर बताया कि प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय में मप्र शासन द्वारा 5 हजार एवं 10 हजार रुपए की राशि बच्चों की खेल सामग्री के लिए भेजी गई है। जिस पर खेल सामग्री सप्लाई करने वाले ठेकेदारों की नजर पड़ गई है और वे दबाव बनाकर सामग्री सप्लाई कर रहे हैं। स्कूलों में कहा जा रहा है कि ऊपर का आदेश है, सामग्री लेना होगी। प्राथमिक विद्यालय में 5 हजार की सामग्री के बदले 2 हजार की सामग्री भी नहीं दी जा रही है, वहीं माध्यमिक विद्यालय में 10 हजार की सामग्री के बदले 4 हजार की सामग्री भी ठेकेदारों द्वारा नहीं दी जा रही है। साथ ही सामग्री इतनी घटिया किस्म की है कि उसका उपयोग बच्चे नहीं कर पाएंगे। चौहान ने अपने पत्र मे बताया कि कुल मिलाकर 1 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में शासन द्वारा भेजी गई है, जिसमें भारी भ्रष्टाचार किया गया है। अगर मामले की जांच नहीं होती तो आंदोलन किया जाएगा।